Hello, Guest! | Register |  Login


             





Atheneum - Page from "Amulya Nidhi - Khand 2"

योग की विभूतियाँ

विभूतियों से तात्पर्य उन अलौकिक शक्तियों से है जो मनुष्य के अन्दर छिपी पड़ी हैं | जिनकी न तो उसे खबर है और न जिनके द्वारा वह कोई विशेष काम कर सकता है | यह ऐसी चमत्कारिक शक्तियाँ जितनी ईश्वर में हैं, उतनी ही मनुष्य में हैं | जितनी एक मनुष्य में हैं उतनी ही सारे मनुष्यों में हैं |